लेखनी कहानी -17-Oct-2022
मुझे यार प्यार करने वाला मिल गया है
क्या करू मुझे कोई चाहने वाला मिल गया है
ऐसी तलब थी तेरी आशिक कि अब
मुझे पुराना प्यार भूलाना पड़ गया है
आदत सी थी सिर्फ तुमको हीं मैं सोचु
पर अब किसी और को जिंदगी में आना पड़ गया है
कि ख़ातिरदारी कर रहे हैं मेरी जान
अब सारा गम मुझको भुलाना पड़ गया है
अब उनका इश्क सबसे अलग है जनाब
कहना नहीं पड़ता जबसे उनका हाथ मेरे नाल पड़ गया है
खुशी है अब उनका मेरे जिंदगी से चले जाना
हमसे भी ज़्यादा इश्क़ महंगा पड़ गया है
कि अब तो बन गया हू विशाल शायर मैं
अब घंटा फ़र्क नहीं पड़ता मुझको कौन छोड़ गया है ।।
Raziya bano
17-Oct-2022 07:12 PM
Nice
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Muskan khan
17-Oct-2022 05:12 PM
Very nice 👌🏻
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Reena yadav
17-Oct-2022 04:08 PM
👍👍🌺
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